गांधी जयंती पर जीपीए ने निकाली भव्य शिक्षा क्रान्ति सत्याग्रह पद यात्रा

 गाजियाबाद।  जीपीए द्वारा  2 अक्टूबर  को ग़ांधी जयंती के शुभ अवसर पर  निकाली गई विशाल एवं भव्य शिक्षा - क्रान्ति -सत्त्याग्रह- पदयात्रा के माध्य्म से प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया की शिक्षा ही मात्र एक ऐसा साधन है जिसके माध्य्म से देश विश्वगुरु  बन सकता है। 

 इसके अलावा और कोई रास्ता नही जिस देश की शिक्षा पद्धिति सस्ती, सुलभ और मजबूत होती है, उस देश का भविष्य निश्चित ही उज्ज्वल होता है।  इस भव्य पद यात्रा का शुभारंभ गांधी पार्क में बापू जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अभिभाववको ने  रामधुन और देश भक्ति के गीतो की गूंज के साथ शरू किया गया और तमाम रास्ते पर अभिभावक स्लोगन , पोस्टर और रामधुन के साथ शिक्षा के नारे लगाते हुये घंटाघर स्थित भगत सिंह जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा का समापन कर प्रदेश सरकार को शिक्षा के मुद्दे पर गंभीर होने का संदेश दिया।  पद यात्रा में जहाँ भारी संख्या में अभिभावको ने भाग लिया वही राष्ट्रीय स्वर्ण वाहनी एवम राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूल समिति सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने भी पदयात्रा में पहुचकर अपना समर्थन दिया जीपीए ने उत्तर प्रदेश के अभिभावको की तरफ से प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से करबद्ध निवेदन करते हुये कहा कि नीचे दिए गए बिन्दुओ पर सकारात्मक रूप से विचार करते हुये देश एवम प्रदेश की युवा पीढ़ी को सस्ती एवम सुलभ शिक्षा का अधिकार उपलब्ध करा देश को विश्वगरु बनाने का मार्ग प्रशस्त करे। 

1. एक देश एक शिक्षा एक बोर्ड लागू किया जाए।

2 . प्रदेश के सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाया जाये। 

3 . प्रदेश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक सैनिक स्कूल खोला जाए। 

4 . प्रदेश में सीबीएसई बोर्ड से मान्यतप्राप्त सरकारी स्कूल खोले जाये। 

5 - प्रदेश के प्रत्येक सांसद और विधायक को कम से कम 5 सरकारी स्कूलो की दशा सुधारने 

      के लिये गोद दिये जायें। 

6 - प्रदेश के प्रत्येक स्कूल में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया जाए। 

7 - निजी स्कूलो की लूट एवम शिक्षा के बढ़ते व्यवसाईकरण पर रोक लगाई जाए। 

8 - प्रदेश के निजी स्कूलों में आर.टी.ई के अंतर्गत एडमिशन सुनिचित किया जाये तथा निजी 

     स्कूलों द्वारा शासनेदेशो का उलघ्न करने पर एन. ओ .सी रद्द करने का प्रवधान किया 

      जाये।

9 -  प्रदेश के निजी स्कूलो का रजिस्ट्रेशन सोसाइटी एक्ट से पृथक  कर कंपनी एक्ट में 

      संशोधित किया जाये क्योकि निजी स्कूलो ने शिक्षा को समाज सेवा की जगह  व्यवसाय  

       का साधन बना करोड़ो रूपये का प्रॉफिट अर्जित किया जा रहा है। 

10 - कोरोना काल की ऑन लाइन शिक्षा की फीस निर्धारित की जाए