नफरत व हिंसा से मुक्त कर देश-दुनिया को सौहार्द का पर्याय बनाना है - डॉ. माला कपूर

 विशेष संवाददाता 

  गाजियाबाद। आजादी के अमृतकाल के समापन के अवसर पर सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सहायक पुलिस आयुक्त रवि कुमार सिंह ने कहा कि हमें बच्चों को बाल्यकाल से ही स्वतंत्रता व राष्ट्रभाव के मायने सिखाने होंगे। उन्होंने कहा कि देश के शिक्षकों पर उस पीढ़ी को तैयार करने की जिम्मेदारी है जो न सिर्फ नए भारत का नेतृत्व करेगी बल्कि स्वतंत्रता की शताब्दी का गवाह भी बनेगी। 

स्कूल की निदेशिका डॉ. माला कपूर ने कहा कि हमें शहीदों के सपनों को साकार करते हुए इस देश को नफरत, वैमनस्य व जात-पात के भेदभाव से मुक्त कर भाईचारे व सौहार्द का पर्याय बनाना है। उन्होंने कहा कि कई देशों के सैनिक सीमाओं पर आज एक दूसरे के सामने संगीनें ताने खड़े हैं और उनके चंद्र यान नई दुनिया की खोज में जुटे हैं। डॉ. कपूर ने कहा कि हमें विकास की उस राह पर चलना होगा जो मानवता, खासतौर पर पर्यावरण का विनाश न करे।

  नेहरू नगर शाखा में आजादी महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ देश भक्ति के गीत से हुआ। इस मोहक प्रस्तुति का विषय था  'नए भारत का चेहरा'। विभिन्न परिधानों में देशभक्ति परक गीतों व अपनी नाट्य प्रस्तुति से बच्चों ने सभी का मन मोह लिया। जल प्रदूषण पर आधारित 'जल की पेशी' नाटिका खूब सराही गई। बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों में से कइयों ने अपने विचार व अनुभव साझा किए। 

इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्या कविता सरना, रेणु चोपड़ा व प्रधानाचार्या उमा नवानी व सोनिया सेहरा समेत बड़ी संख्या में पूर्व व वर्तमान अध्यापिकाएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम का आरंभ एक देश भक्ति गीत से हुआ। शानदार प्रस्तुति ने अभिभावकों सहित सबका मन मोह लिया। इसके बाद बच्चों ने देश भक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया जिसका विषय था  "नए भारत का चेहरा"।